गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए अपने भोजन में शामिल करें ये सब चीज़ें

हीमोग्लोबिन हमारे शरीर में रक्त का एक प्रमुख अवयव है। ये शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद ऐसे कण होते हैं, जो शरीर की विभिन्न कोशिकाओं तक ऑक्सीजन का वहन करते हैं। इसमें मुख्य रूप से आयरन उपस्थित होता है। एक स्वस्थ वयस्क पुरूष में हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर लगभग 13.5 ग्राम से 17.5 ग्राम प्रति डेसीलिटर के बीच होना चाहिए, जबकि एक स्वस्थ वयस्क महिला में यह स्तर करीब 12.0 ग्राम से 15.5 ग्राम प्रति डेसीलिटर के बीच होना चाहिए। शरीर में इसकी कमी हो जाने पर रक्ताल्पता या कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि यदि शरीर में हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) की कमी हो जाए तो उस के कौन-कौन से लक्षण दिखाई देते हैं? साथ हींं उसकी पूर्ति के लिए हमें किन-किन चीजों का सेवन करना चाहिए? ये ऐसी चीज़ें हैं, जिनको यदि आप अपने भोजन में शामिल करते हैं तो ये शरीर में रक्त यानी खून की मात्रा बढ़ाने में सहायता भी करेंगे।

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Foods to Increase Hemoglobin

शरीर में आयरन या हीमोग्लोबिन की कमी होने के लक्षण (Symptoms of Iron or Hemoglobin Deficiency)

शरीर में हीमोग्लोबिन या आयरन की कमी होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं।जैसे हमेशा थकान महसूस होना, घबराहट जैसा फील होना, सांस लेने में तकलीफ महसूस होना, त्वचा, आंख या नाखून का पीला पड़ जाना इत्यादि जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
अब आइए जानते हैं कि हमें किन चीजों को अपने भोजन में सम्मिलित करना चाहिए, ताकि आयरन या हीमोग्लोबिन की कमी ना रहे।

हरी पत्तेदार सब्जियां (Green Leafy Vegetables)

हरी सब्जियों विशेषकर पत्तेदार हरी सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में आयरन तत्व पाया जाता है। ये आयरन तत्व हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहीं कारण है कि चिकित्सक भी शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, साग, ब्रोकली, हरे बीन्स और मेथी आदि का सेवन करने की सलाह देते हैं।


विटामिन सी युक्त आहार (Vitamin C Rich Foods)

शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में आयरन भले ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन शरीर में आयरन के अच्छी तरह से अवशोषित होने के लिए विटामिन C बहुत हीं आवश्यक है। इसलिए शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करने के लिए आयरन युक्त आहार के साथ-साथ विटामिन सी युक्त फल जैसे संतरे, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अमरूद, अंगूर, तरबूज एवं नींबू इत्यादि का सेवन भी जरूर करना चाहिए।

फोलिक एसिड की पूर्ति (Folic Acid Supplementary Foods)

वास्तव में विटामिन बी 9 को ही फोलिक एसिड कहा जाता है। यह विटामिन हमारे हमें एनीमिया जैसे रोगों से बचाता है। इसलिए हमारे आहार में इस विटामिन का होना बहुत आवश्यक है। ये हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायता करता है। इस विटामिन की पूर्ति के लिए हमें राजमा, अंकुरित अनाज, चुकंदर, मसूर दाल, मूंगफली, खजूूर, गुड़, केला, सेम, फूलगोभी, ब्रोकली, एवोकाडो एवं पालक इत्यादि सेवन करना चाहिए।

अन्य उपाय (Other Sources)

यदि आप शरीर में तेजी से खून बढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए गन्ने के रस का सेवन करना भी काफी फायदेमंद रहता है। इसके अलावा आप अनार व चुकंदर के रस में संतरे का रस मिलाकर पिएं। इससे शरीर में तेजी से हीमोग्लोबिन बढ़ता है एवं रक्त की कमी भी दूर होती है।

इस प्रकार इन चीजों को अपने डाइट में शामिल करके हम आयरन अथवा हीमोग्लोबिन की कमी को दूर रख सकते हैं।

सोमवार, 21 दिसंबर 2020

मजबूत फोर आर्म पाने के लिए घर पर करें ये 6 एक्सरसाइज | Forearm Workouts At Home In Hindi

एक मजबूत पर्सनैलिटी के लिए आपके बाजूओं (Arms) का ताकतवर और strong होना बहुत जरूरी है। खास तौर से आपके  शोल्डर और फोर आर्म्स (forearms) का। शोल्डर की एक्सरसाइज के बारे में तो हमने आपको अपने पिछले लेखों में बताया है, परंतु यहां हम विशेष तौर पर आपको फोर आर्म्स को मजबूत बनाने वाले home workouts के विषय में बताने वाले हैं, जिन्हें आप अपने घर पर भी कर सकते है। जैसा कि शब्द से हीं पता चलता है, 'फोर' यानी आगे का और 'आर्म्स' यानी बांह। इस प्रकार 'फोर आर्म्स' हमारे हाथ के अगले भाग यानी कि कलाई और कोहनी के बीच के हिस्से को कहते हैं। वास्तव में इसी Muscle की सहायता से हम ज्यादातर भारी काम कर पाते हैं। इसलिए Body Building करने की चाहत रखने वालों के लिए तो यह और भी ज्यादा जरूरी है कि वे अपने Forearm muscles को मजबूत बनाने पर भी ध्यान दें।

ऐसे में अगर आप भी एक अच्छी बॉडी बनाने के लिए काफी पैशनेट रहते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए काफी उपयोगी रहेगा। क्योंकि यहां पर हम आपको फोर आर्म्स को मजबूत बनाने के लिए कुछ बेहतरीन वर्कआउट और exercises के बारे में बेहद सरल भाषा में बताने वाले हैं, ताकि आप इन्हें आसानी से अपने प्रयोग में ला सकें। इन वर्कआट्स को करने के लिए आपको किसी महँगे इक्विपमेंट या साधन की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।

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Strong Forearm


फोर आर्म्स को मजबूत बनाने के लिए घर पर करें ये 6 एक्सरसाइज | 6 Forearm Workouts At Home


तो आइए जानते हैं कि वो एक्सरसाइज एवं वर्कआउट कौन-कौन से हैं और आप उन्हें सही तरीके से कैसे कर सकते हैं -

रिस्ट कर्ल (Wrist Curl)


रिस्ट कर्ल एक ऐसा एक्सरसाइज है, जिसमें आपको दोनों हाथों में थोड़ा वेट लेकर अपनी कलाईयों को कर्ल यानी घुमाना होता है। रिस्ट कर्ल भी आप दो तरीके से कर सकते हैं। 
पहला तरीका है, पाम-अप रिस्ट कर्ल (Palm-up Wrist Curl) इस वर्कआउट को करने के लिए आपको 2 से 4 किलो के बीच के वजन वाले दो छोटे डंबल चाहिए होंगे। यदि आप चाहें तो अपने घर पर भी इस तरह के दो छोटे वेट तैयार कर सकते हैं। इस वर्कआउट को आप किसी कुर्सी या डेस्क पर बैठकर sitting position में कर सकते हैं। जैसा की चित्र में दिखाया गया है, आपको दोनों डंबलों को अपने दोनों हाथों में पकड़ कर अपने दोनों हाथों (फोर आर्म्स) को अपनी जांघों पर पर टिकाकर (हथेली ऊपर की तरफ हो) डंबल के साथ कलाइयों को कर्ल करना है, यानी ऊपर-नीचे करना है।
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Palm-Up Wrist Curl

दूसरे तरीके में, हाथों में दो हल्के डंबल लेकर हथेलियों को नीचे की तरफ रखते हुए कलाइयों को कर्ल करना होता है, इसे पाम-डाउन रिस्ट कर्ल (Palm-down Wrist Curl) कहते हैं। इन दोनों ही तरीकों में कलाइयों को जितना अधिक हो सके, मोड़ने करने का प्रयास करें।
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Palm-down Wrist Curl

इन exercises के 10 से 15 रिपीटिशन वाले 2-3 सेट करें। इस वर्कआउट में रिपीटिशन और सैट्स की संख्या धीरे धीरे हीं बढ़ाएं। एक ही बार में ज्यादा रिपीटिशन ना करें, नहीं तो फोर आर्म्स मसल्स पर अधिक दबाव पड़ने से बाद में दर्द शुरू हो सकता है और फिर आगे इसे जारी रखने में भी आपको दिक्कत हो सकती है।


इस वर्कआउट को हफ्ते में 2 से 3 बार करना काफी रहेगा। इसकी सहायता से फोर आर्म्स और साथ हीं कलाइयों को भी काफी मजबूत बनाया जा सकता है।



फोर आर्म स्क्वीज या ग्रिपिंग एक्सरसाइज (Forearm Squeeze or Gripping Exercise)


यह एक्सरसाइज हैंड ग्रिपर की मदद से किया जाता है। इसे आप बाजार से ला सकते हैं या खुद भी तैयार कर सकते हैं। इस एक्सरसाइज को करने के लिए hand gripper को स्क्वीज करें और करीब 3 से 5 सेकंड तक होल्ड करें, यानी रोक कर रखें। फिर उसे रिलीज़ करके कुछ सेकंड हाथों को रिलैक्स होने दें और यहीं प्रक्रिया फिर दोहराते रहें। इसे आप 12 से 15 मिनट तक करते रहें। यदि आप चाहें तो दिन में 3 से 4 बार ये हैंड ग्रिपिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं।

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Gripping Exercise


रोज इस एक्सरसाइज को करने से एक ओर तो आपके फोर आर्म्स की मजबूती बढ़ेगी, साथ हीं साथ आपका ग्रिपिंग स्ट्रैंथ भी काफी तगड़ा हो जाएगा।

फिंगरटिप पुश अप (Fingertip Push Up)


जैसा कि नाम से हीं स्पष्ट होता है, फिंगरटिप पुश अप का मतलब होता है कि उंगलियों के बल पर push ups करना। यह भी पुश अप करने का हीं एक तरीका है, लेकिन इससे फायदा ये होता है कि यह शोल्डर्स और चेस्ट के साथ-साथ हमारे फोर आर्म मसल्स को भी मजबूत बनाने में काफी मददगार साबित होता है। यह बहुत ही उपयोगी एक्सरसाइज है और इसे करने के लिए हमें किसी दूसरे इक्विपमेंट की जरूरत नहीं भी होती है।

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Fingertip Push Ups


इसे आप फर्श पर नॉर्मल पुश अप के जैसे हीं कर सकते हैं। बस फर्क इतना होता है कि आपको अपनी हथेलियों को जमीन की सतह से लगाने की बजाय अपनी उंगलियों के बल पर अपने शरीर को संतुलित करते हुए पुश अप लगाना होता है। यह पुश अप लगाने के दौरान जब आपका शरीर नीचे आए, तब आपकी कोहनी से 90 डिग्री का कोण जरूर बनना चाहिए। यही सही तरीका है।


हालांकि यह नॉर्मल पुश अप से थोड़ा कठिन होता है, लेकिन धीरे-धीरे इसकी practice करने से आप भी इसे आसानी से कर पाएंगे। शुरुआत में कम रिपीटिशन (8 से 10) से शुरू करें और इसके 2 से 3 सेट करें। फिर धीरे-धीरे अच्छी प्रैक्टिस होने पर इसकी संख्या बढ़ा भी सकते हैं। यह एक्सरसाइज शोल्डर्स, चेस्ट, फोर आर्म्स और एब्डोमिनल (Pack Abs) मसल्स पर भी काम करता है।

इनवर्ड रिस्ट कर्ल (Inward Wrist Curls) 


फोर आर्म्स को मजबूत बनाने में रिस्ट कर्ल एक्सरसाइज भी काफी उपयोगी साबित होता है। इसके लिए standing position में अपने दोनों हाथों को शरीर से थोड़ा दूर तक फैलाकर मुट्ठी बंद कर लें और कलाई को अंदर की तरफ कर्ल करें यानी मोड़ें, जैसा की तस्वीर में दिखाया गया है। यह करते समय आप अपनी कलाई को अंदर की तरफ जितना अधिक क्लेंच सकते हैं, करें और फिर सीधा करें। थोड़ी देर में आपको फोर आर्म्स के मसल्स में खिंचाव जैसा महसूस होगा। इसका मतलब है कि इस वर्कआउट से आपके फोर आर्म्स मसल्स पर काम हो रहा है। इसी तरह करीब 1 मिनट तक ये अभ्यास करें और थोड़ा रिलैक्स करके फिर दोहराएँ।

फॉरवर्ड रिवर्स रिस्ट कर्ल (Forward Reverse Wrist Curls)

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इस वर्कआउट में भी रिस्ट कर्ल हीं करना होता है, लेकिन इसमें आपको दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाकर कलाई को ऊपर की तरफ कर्ल करना होता है, जैसा कि आप तस्वीर में देख सकते हैं। यह कुछ ऐसा ही है, जैसे आप किसी बाइक की एक्सीलरेटर को कर्ल करते हैं। इसमें भी अपनी कलाई को ऊपर की तरफ जितना भी हो सके, क्लेंच करें। इससे भी आपके फोरआर्म मसल्स एक्टिवेट होते हैं और उनमें मजबूती आती है।

साइड एक्सटेंडेड फिंगर स्क्वीज (Side Extended Fingers Squeeze)


इस एक्सरसाइज में हमें अपने दोनों हाँथों को साइड की तरफ सीधा इस तरह फैलाना होता है, जिससे कि हमारी हथेलियाँ नीचे की तरफ और सभी उँगलियाँ खुली हों। अब अपने दोनों हाँथों की उँगलियों को जोर से क्लेन्च करते हुए मुट्ठियों को बंद करें और खोलें, जैसा कि तस्वीर में दिख रहा है। इसी प्रक्रिया को 2 से 3 मिनट तक रिपीट करते रहें।  फिर 1 से 2 मिनट हाथों को आराम दें और इसे फिर कंटिन्यू करें। ऐसा करके तीन से चार सेट करें। इस वर्कआउट की मदद से भी फोर आर्म्स मसल्स को और tough और मजबूत बना सकते हैं।


इस प्रकार बॉडीबिल्डिंग लवर्स अपने रोज के वर्कआउट में इन आसान home workouts को शामिल करके, अपने फोर आर्म्स (forearms) को बड़ा और मजबूत बना सकते हैं, जो आपकी पर्सनालिटी को भी ज्यादा सजीला और ताकतवर बनाने में कारगर साबित हो सकते हैं।

गुरुवार, 17 दिसंबर 2020

वज्रासन योग करने की विधि एवं उसके लाभ | Vajrasana Yoga Steps and Benefits in Hindi

वज्रासन एक ऐसा योग आसन है, जिसे करने से शरीर को मजबूती प्राप्त होती है। साथ हीं अन्य ढरों लाभ प्राप्त होते हैं। इसको 'वीरासन' भी कहा जाता है। इस योगासन का हठयोग में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इसका अभ्यास स्त्री व पुरुष सभी लोग कर सकते हैं। आमतौर पर अधिकतर योग आसन खाली पेट किया जाता है, लेकिन वज्रासन को भोजन के बाद भी किया जा सकता है। शास्त्रों में भी इसका काफी महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि इस योगासन की सहायता से कुंडलिनी की शक्ति को विकसित करने में काफी सहायता प्राप्त होती है।

अब आइए जानते हैं कि वज्रासन योग (Vajrasana Yoga) को करने की विधि क्या है और साथ ही इससे जुड़े लाभ कौन-कौन से हैं।

वज्रासन करने की विधि (Vajrasana Yoga Steps) -

इस योग आसन को करने के लिए सबसे पहले अपनी योगा मैट पर सामान्य अवस्था में बैठ जाएं। इसके बाद अपने दाहिने पांव के घुटने को मोड़कर पंजे को पीछे की तरफ दाहिने नितंब के नीचे ले जाएं। एड़ी को अपने शरीर से लगाकर और पंजे को ऊर्ध्वमुखी यानी ऊपर की तरफ रखें।

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Vajrasana Yoga


इस प्रक्रिया के दौरान अपने घुटनों एवं पैर की उंगलियों को भूमि के सतह से लगा कर रखें। दाहिने पैर की तरह ही अपने बाएं पैर को घुटने से मोड़कर पंजे को पीछे नितंब तक ले जाएं। यहां ध्यान रखें कि दोनों घुटने एक दूसरे से मिले रहें और पैर के तलवे अलग रहें।
अब अपने दोनों हाथों को आगे की तरफ फैला कर अपने हथेलियों को घुटनों के ऊपर रख दीजिए और फिर शरीर का समस्त भार एड़ियों एवं पंजों के ऊपर डालें। ध्यान रखें कि इस दौरान आपके कमर (रीढ़ की हड्डी), गर्दन और सिर एकदम सीधी होनी चाहिए। इसके बाद पूरे शरीर को स्थिर करके अपनी दृष्टि को नाक के अग्रभाग पर जमा लीजिए और इस दौरान श्वास को सामान्य रखते हुए हवा अंदर भरें और सीने को फुलाएं। इस प्रक्रिया को दोहराते रहें और लगभग 10 से 15 मिनट तक इस योग को करें। इस योग को आप दोपहर एवं रात्रि के भोजन के पश्चात भी कर सकते हैं।

वज्रासन योग करने के लाभ (Vajrasana Yoga Benefits) -

1. वज्रासन करने से पंजे घुटने, जांघ, पीठ, कमर व रीढ़ की हड्डी एवं पिंडलियों को मजबूती प्राप्त होती है। साथ हीं यह आंखों की ज्योति बढ़ाने में भी सहायक होता है।

2. इस योग को करने का एक और बड़ा लाभ यह भी है कि ये हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत  बनाने में सहायता करता है। इससे भोजन के पाचन में तेजी आती है। वज्रासन करने के दौरान आँत पर जो दबाव पड़ता है, उससे पेट की दूसरी समस्याएं जैसे पेट दर्द व गैस आदि भी दूर होते हैं।

3. भोजन करने के बाद कुछ देर तक आसन को करने से हमारी नाड़ियां प्रभावी रूप से ऊर्ध्वगामी रहती हैं। इससे गठिया या साइटिका की समस्या दूर रहती है।

4. इसके अलावा ये योग आलस को दूर करता है तथा मन को एकाग्रचित्त करके स्मरण शक्ति में वृद्धि करने और भूलने की आदत सुधारने में भी सहायता करता है। साथ ही ये मन से नकारात्मक विचारों को दूर करने में भी प्रभावी है।

5. ऐसे भी मान्यता है कि युवाओं द्वारा इस अवस्था में बैठकर कंघी करने से बाल असमय सफेद नहीं होते।

6. यह लीवर के फंक्शन को सुचारू बनाए रखने में भी सहायता करता है, जिससे जौंडिस पीलिया जैसे रोग दूर रहते हैं।

7. वज्रासन योग (Vajrasana Yoga) से फेफड़े मजबूत बनते हैं, जिससे सांस संबंधी विकार जैसे दमा, तपेदिक इत्यादि दूर रहते हैं।

सावधानी (Caution) -

स्लिप डिस्क की समस्या वाले अथवा पंजे व घुटने की समस्या से ग्रस्त लोगों वज्रासन योग को करने से परहेज करना चाहिए, अथवा बेहद सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

बुधवार, 16 दिसंबर 2020

रूखे होठों को मुलायम बनाने के कुछ घरेलू उपाय

खुश्क हवा के कारण हमारी त्वचा नमी खोने लगती है। खासकर सर्दी के दिनों में ऐसा होना लाजमी है। चुकि जब त्वचा का मॉइस्चर (moisture) अर्थात नमी उड़ने लगती है तो इससे सबसे पहले हमारे होंठ प्रभावित होते हैं। क्योंकि होठों की त्वचा शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में 3 गुना ज्यादा नाजुक होती है ऐसे में होठों में सूखापन या फटे होंठ होना स्वाभाविक है। यदि हम शुरू में ही इसका उपचार ना करें तो यह आगे जाकर तकलीफदेह भी हो सकती है। वैसे तो आप में से ज्यादातर लोग इसके लिए बाजार से खरीदे हुए लिप बाम मॉइश्चराइजर व कोल्ड क्रीम आदि का प्रयोग करते होंगे, लेकिन आज यहां हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय सुझाएंगे, जिनकी सहायता से आप घरेलू एवं प्राकृतिक चीजों की मदद से हीं अपनी फटे होठों का उपचार कर सकते हैं।

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शहद -

फटे होठों के उपचार में शहद (honey) काफी कारगर होता है। यह ना केवल हमारी सेहत के लिए, बल्कि हमारी त्वचा के लिए भी काफी लाभदायक होता है। चुकि शहद एक नेचुरल मॉइश्चराइजर की भांति कार्य करता है और हमारे त्वचा को नमी प्रदान करता है। इसके उपयोग से त्वचा की खोई हुई नमी लौट आती हैं। साथ ही यह हमारी त्वचा को रिपेयर करने में भी सहायता करता है। अतः इसका प्रयोग हम सुखे एवं फटे होठों को मुलायम बनाने के लिए भी कर सकते हैं।

इसके लिए आपको अधिक कुछ करने की आवश्यकता नहीं है। बस थोड़ा सा शहद लेकर होठों पर लगाकर कुछ देर तक ऐसे ही रहने दें और फिर साफ कर दें। इसका प्रयोग दिन भर में 2 से 3 बार करें। इससे होठों की नमी लौट आएगी और सूखापन दूर हो जाएगा। साथ ही धीरे-धीरे फटे होठों की दरारें भी भर जाएंगी और वे पुनः मुलायम हो जाएंगे।

एलोवेरा जेल -

त्वचा की खुश्की दूर करने में एलोवेरा जेल भी उपयोगी होता है। एलोवेरा की ताजी पत्तियों का जेल त्वचा की नमी बनाए रखने में सहायता करता है। इसलिए यह फटे होठों का उपचार करने में भी मदद करता है। इसके लिए एलोवेरा की ताजी पत्ती का एक छोटा टुकड़ा काटकर उसका जेल कटोरी में निकाल लें। इसे जैल में से दिन भर में 3 से 4 बार अपने होठों पर लगाते रहें। यह सूखे एवं फटे होठों से निजात दिलाने और नमी लौटाने में सहायक होता है।

मिल्क क्रीम -

मिल्क क्रीम चुकी प्रोटीन और वसा से युक्त होता है यह क्षतिग्रस्त त्वचा की मरम्मत करने में सहायता करता है यही कारण है कि फटे होठों के उपचार में भी इसका प्रयोग कारगर साबित होता है यह सूखी त्वचा को पुनः जीवंत करने में सहायक होता है। इसके लिए मिल्क क्रीम या मलाई का लेप होठों पर लगाकर कुछ देर तक रहने दें। फिर इसे कॉटन से या फिर किसी नरम कपड़े साफ कर लें। इससे होठों की त्वचा कोमल बनी रहती है।

नारियल या जैतून का तेल -

नारियल तेल अथवा जैतून का तेल विटामिन ई से भरपूर होते हैं। यह हमारी त्वचा के लिए काफी लाभदायक होता हैं। इनका प्रयोग डैमेज स्किन को रिपेयर करने में कारगर सिद्ध होता है। सुखे एवं फटे होठों को ठीक करने में भी यह उपयोगी साबित होता है। यदि आप दिन भर में 2 से 4 बार होठों पर नारियल तेल अथवा जैतून का तेल लगाएं तो इससे जल्दी ही दरारें भर जाएंगी और होठों के फटने अथवा सूखने की समस्या दूर हो जाएगी। यदि आप चाहें तो इसके साथ थोड़ा पेट्रोलियम जेली मिलाकर भी प्रयोग में ला सकते हैं। इससे आप सूखे होंठ और रूखी त्वचा से शीघ्र निजात पा सकेंगे।

मुंह के छाले ठीक करने के असरदार घरेलू उपाय

मुंह का छाला बहुत हीं तकलीफदेह होता है। यहां तक कि कुछ खाना पीना भी मुश्किल हो जाता है। इसको माउथ अल्सर या माउथ सोर भी कहा जाता है। मुंह के भीतर ऐसी समस्या कई बार आंत की गर्मी से हो जाती है, लेकिन ऐसा और भी कारणों से हो सकता है। आज के इस आर्टिकल में हम मुंह के छाले को ठीक करने के कुछ असरदार और उपयोगी घरेलू उपाय बताएंगे। इनके प्रयोग से मुंह के छालों में आराम मिलता है और वे जल्दी ठीक भी हो जाते हैं।

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तुलसी की पत्तियां -

तुलसी की पत्तियों में अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज भी मौजूद होती हैं। इस कारण मुंह का छाला ठीक करने में तुलसी की पत्तियों का प्रयोग लाभदायक रहता है। इसके लिए तुलसी की 10 से 15 पत्तियों को मुंह में डालकर चबाएं और इसका रस कुछ देर तक अपने मुंह में रखें। इससे सूजन एवं छाले की जलन में आराम मिलेगा और जल्दी ही इससे निजात मिल जाएगा।

अमरूद और चमेली का पत्ता -

मुंह के छाले में अमरूद और चमेली के पांच पांच पत्ते मुंह में डालकर धीरे धीरे चबाएं। जो रस निकले उसे थोड़ी देर मुंह में रखें और फिर उसको उगल दें। ये मुंह का छाला ठीक करने में मदद करता है।

शहद का उपयोग -

शहद में भी हीलिंग प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं। यह छाले को ठीक करने में कारगर साबित होता है। ये नवीन कोशिकाओं के निर्माण को भी प्रोत्साहित करता है। इसके लिए शहद में थोड़ा हल्दी और आंवले का पाउडर मिलाकर छाले की जगह पर लगाएं। इससे छाला ठीक करने में मदद मिलती है।

लौंग का तेल -

लौंग दांत और मसूड़ों के लिए बहुत ही कारगर माना जाता है। इसके अलावा लौंग का तेल भी मुंह के छाले को ठीक करने में उपयोगी होता है। मुंह के छाले के ऊपर लौंग का तेल लगाने से वे जल्दी आराम हो जाते हैं।

घी का प्रयोग -

गाय का शुद्ध घी मुंह के छाले को नरम करके जलन से आराम दिलाता है। इसके लिए घी में से लेकर छाले के ऊपर लगाएं। इसे दो से तीन मिनट रखें, फिर थूक को बाहर फेंक दें। इसी काम को दिन में तीन से चार बार करें। इससे मुंह का छाला आराम हो जाएगा।

आसानी से घर पर ऐसे बनाएं हेयर स्टाइलिंग जेल

बालों को स्टाइल करने के लिए आपने भी कभी ना कभी हेयर स्टाइलिंग जैल का प्रयोग जरुर किया होगा। क्योंकि बालों को स्टाइल करने का तरीका हमारे लुक को काफी ज्यादा प्रभावित करता है। इसलिए आजकल हेयर स्टाइलिंग का चलन काफी प्रचलित है। ऐसे में सभी लोग अपने बालों को अलग अलग तरीकों से स्टाइल और फिक्स करते हैं।
इसके लिए बेशक आप सभी केमिकल से बने रेडीमेड जैल का हीं प्रयोग करते हैं, लेकिन आज इस आर्टिकल में हम आपको घर पर ही हेयर स्टाइलिंग जैल बनाने का सबसे आसान तरीका बताएंगे।

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हेयर स्टाइलिंग जेल बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इसके लिए आपको मुख्य रूप से जिन चीजों की जरूरत होगी वह है, अलसी यानी तीसी का बीज और डिस्टिल वाटर। इसके अलावा वैकल्पिक रूप से हम एलोवेरा और खुशबू के लिए फ्लावर एसेंस का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इस सामग्री का सबसे प्रमुख इंग्रेडिएंट अलसी है, जिसे तीसी या लिनसीड भी कहा जाता है।

यह कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड के साथ-साथ कई विटामिन और खनिज मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर के साथ-साथ बालों के लिए भी काफी उपयोगी है। आगे आप जानेंगे कि इन चीजों के इस्तेमाल से हम घर पर हीं हेयर स्टाइलिंग जैल कैसे तैयार करेंगे।

हेयर स्टाइलिंग जैल तैयार करने की विधि

सबसे पहले एक चौथाई कप अलसी अर्थात तीसी के बीज को रात को पानी में भिगोकर रख दें। लगभग 7 से 8 घंटे तक भिगोए रखने के बाद इसे निकालकर 2 से 3 कप तक डिस्टिल्ड वाटर में उबाल लें।

उबल जाने के बाद भी इसको धीमी आंच पर थोड़ी और देर तक रखें। जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए तब उसे आंच से उतारकर ठंडा करके छान लें। ठंडा होने के बाद अगर आप चाहे तो इसमें एलोवेरा या खुशबू के लिए कोई फ्रेगरेंस एसेंस भी मिला सकते हैं। बस आपका हेयर स्टाइलिंग जैल इस्तेमाल करने के लिए तैयार है।

उपयोग करने का तरीका

इसे उपयोग करने का तरीका भी बेहद आसान है। आप इसे अपने दोनों हाथों में फैलाकर गीले बालों में आसानी से लगा सकते हैं और अपने बालों को मनचाहा स्टाइल भी दे सकते हैं। अगर आप चाहें तो बचे हुए जैल को स्टोर भी कर सकते हैं। इसके लिए आप उन्हें फ्रिजर के आइस क्यूब फ्रेम में डालकर जमा सकते हैं और जब भी इस्तेमाल करना हो तो थोड़ा सा पानी डाल कर उसे घोलकर उपयोग सकते हैं।

इस होममेड हेयर स्टाइलिंग जैल के इस्तेमाल से आप रेडीमेड जैल की तरह हीं बालों को स्टाइल कर सकते हैं, फिक्स कर सकते हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है और यह पूरी तरह प्राकृतिक है। साथ हीं यह हमारे बालों को पोषण भी देता है।